मनप्रीत सिंह का आखिरी वर्ल्ड कप, 51 साल बाद भारत को चैंपियन बनाने का सपना

 नई दिल्‍ली
मेंस हॉकी विश्व कप 2026 की शुरुआत 15 अगस्त से हो रही है और यह 30 अगस्त 2026 तक संयुक्त रूप से वेवरे (बेल्जियम) और अम्स्टेलवीन (नीदरलैंड) में खेला जाएगा। पहले ही दिन भारतीय टीम का सामना वेल्‍स से होगा।

हॉकी वर्ल्ड कप में शायद अपने आखिरी कैंपेन की तैयारी कर रहे अनुभवी भारतीय मिड-फील्डर मनप्रीत सिंह का कहना है कि वह इसे यादगार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वह भारत को 51 साल बाद पहली बार खिताब जिताने में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं। दो बार ओलंपिक मेडल जीत चुके मनप्रीत अपना चौथा वर्ल्ड कप खेलेंगे।

उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट बहुत खास है क्योंकि भारत 1975 में मिली अपनी एकमात्र जीत के बाद एक और जीत हासिल करने की कोशिश कर रहा है। मनप्रीत ने JioStar पर कहा, "यह वर्ल्ड कप मेरे लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि यह मेरा चौथा वर्ल्ड कप है। हमने लगातार ओलंपिक मेडल जीते हैं, लेकिन वर्ल्ड कप मेडल अभी भी हमारी झोली में नहीं आया है। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि उसके पास दोनों मेडल हों।"
उन्‍होंने कहा, "मेरे लिए यह मेरा आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है, इसलिए मैं इसी सोच के साथ इसमें हिस्सा ले रहा हूं। मैं वह हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं जो हमने अब तक नहीं किया है। हमें इमोशनली बैलेंस्ड रहना होगा, अपनी भूमिकाओं पर टिके रहना होगा और डिसिप्लिन के साथ खेलना होगा। इसी से हमें जीतने का सबसे अच्छा मौका मिलेगा।"

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उन्होंने कहा, "टीम के पास आगे तक जाने का अनुभव और टैलेंट है। हमने अच्छी तैयारी की है और हमारा भरोसा भी बहुत ज्‍यादा है। हमने ओलंपिक मेडल जीते हैं और अब वर्ल्ड कप में भी आगे तक जाने का समय आ गया है। मुझे पूरा भरोसा है कि हम वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचेंगे। टीम पूरे भरोसे के साथ खेल रही है और हर ट्रेनिंग सेशन में अपना 100 परसेंट दे रही है।"

मनप्रीत सिंह ने कहा, "कैंप में जबरदस्त जोश है और टीम का हर सदस्य कुछ खास करने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुझे पूरा भरोसा है कि हम फाइनल में जगह बनाएंगे।" भारत को वेल्स, इंग्लैंड और पाकिस्तान के साथ पूल D में रखा गया है। वे शनिवार को वेल्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे।

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    पूल A: नीदरलैंड, अर्जेंटीना, न्यूजीलैंड, जापान।
    पूल B: बेल्जियम, जर्मनी, फ्रांस, मलेशिया।
    पूल C: ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, आयरलैंड, दक्षिण अफ्रीका।
    पूल D: भारत, इंग्लैंड, पाकिस्तान, वेल्स।

पूर्व कप्तान ने कहा कि भारत किसी भी विरोधी टीम को कमजोर नहीं समझ सकता। टूर्नामेंट से पहले टीम ने फिटनेस और डिफेंस, दोनों पर काम किया है। उन्होंने कहा, "मुझे इस टीम पर पूरा भरोसा है। हर कोई वर्ल्ड कप के लिए उत्साहित और तैयार है। हमने पिछले टूर्नामेंटों से सीखा है कि ऐसे टूर्नामेंट में किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता।"

उन्‍होंने कहा, "हमारी टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा तालमेल है। कप्तान हरमनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह और मेरे जैसे सीनियर खिलाड़ियों ने युवा खिलाड़ियों के साथ अपने अनुभव साझा किए हैं, जैसे कि क्या काम आया, क्या नहीं, और हर मैच में पूरी एकाग्रता के साथ कैसे खेलना है।"

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मनप्रीत ने कहा, "हमारे कोच ने फिटनेस पर जोर दिया है क्योंकि हम जानते हैं कि फिट रहने से हमें सबसे अच्छे खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबला करने में मदद मिलती है। हमने अपने डिफ़ेंस पर भी कड़ी मेहनत की है। एक मज़बूत डिफ़ेंस हमें अटैक करने और गेम पर कंट्रोल करने का कॉन्फ़िडेंस देता है।" मनप्रीत ने यह भी कहा कि भारत पर अपने विरोधियों, जिसमें उनके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान भी शामिल हैं, की प्रतिष्ठा का कोई असर नहीं पड़ेगा।

उन्होंने कहा, "हम किसके खिलाफ खेल रहे हैं, चाहे वह पाकिस्तान हो या कोई और टीम, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता; हम अपने गेम प्लान पर ही टिके रहते हैं। हम विरोधी टीम के नाम या प्रतिष्ठा के चक्कर में नहीं पड़ते। हॉकी एक टीम स्पोर्ट है। अगर कोई एक खिलाड़ी सब कुछ अकेले करने की कोशिश करता है, तो इससे टीम को नुकसान हो सकता है। हमें एक-दूसरे पर भरोसा करना चाहिए और एक यूनिट के तौर पर खेलना चाहिए।"

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